ऊसर मगहर
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कबीर काव्य : हंस की महत्ता
संस्कृत में श्लोक है - हंसः श्वेतः,बकः श्वेतः,को भेदः बक - हंसयोः। नीर - क्षीर - विवेके तु, हंसो हंसः, बको बकः।। हंस और बगुला दोनो...
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कासी - मगहर सम बिचारि संत कबीर जी का मगहर आगमन और काशी को छोड़ कर बड़ा ही रोचक लगता है।...
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Kya kashi, Kya usar Maghar, Ram riday base mora. Jo kashi tan taje kabira. Rame kaun Nihora.
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मगहर का एक ऐतिहासिक विवेचन व अध्ययन संत कबीर अकादमी व शोध संस्थान का नवनिर्मित भवन ...
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सन्त कबीर : भारत में सामाजिक पुनर्जागरण सन्त कबीर दास की जयन्ती पर वि...
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आ ज जब समाचार चैनलों पर ढोंगी बाबाओं ,तथाकथित सन्त - महात्माओं के ढोंग व्यभिचार के तमाम कारनामें हिंदुस्तान के कोने -कोने ...
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कबीर काव्य में श्रम जीवी वर्ग संत कबीर श्रम जीवी थे। स्वयं करघा चलाते थे। शायद यही कारण है कि...
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मगहर : कबीर दास का निर्वाण स्थल अहो मेरें गोविंद तुम्हारा जोर। काज़ी बकिवा हस्ती तोर।। □ ...
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